नई दिल्ली: फरवरी में पेश होने वाले आम बजट (Budget 2026-27) से देश के क्रिप्टो निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं। साल 2022 में सरकार ने क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर सीधा 30% टैक्स और हर ट्रांजैक्शन पर 1% टीडीएस (TDS) लगा दिया था। इंडस्ट्री का कहना है कि इन नियमों ने भारतीय एक्सचेंजों की कमर तोड़ दी है।
सरकार से क्या मांग रहे हैं क्रिप्टो निवेशक? ‘भारत वेब3 एसोसिएशन’ (BWA) और CoinSwitch जैसे बड़े एक्सचेंजों ने वित्त मंत्रालय के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
- TDS में कटौती: अभी हर बार खरीदने-बेचने पर 1% TDS कटता है, जिससे पूरी पूंजी फंस जाती है। मांग है कि इसे घटाकर 0.01% किया जाए।
- घाटे की भरपाई (Loss Set-off): शेयर बाजार में अगर आपको एक शेयर में नुकसान होता है और दूसरे में फायदा, तो आप उसे बैलेंस कर सकते हैं। लेकिन क्रिप्टो में ऐसा नहीं है। निवेशक चाहते हैं कि क्रिप्टो में भी ‘लॉस सेट-ऑफ’ की सुविधा मिले।
- टैक्स स्लैब: क्रिप्टो को जुए या लॉटरी की तरह न देखा जाए और इसे भी अन्य निवेशों की तरह रेगुलेट किया जाए।
विदेशी एक्सचेंजों की तरफ भाग रहे लोग विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा टैक्स के डर से भारतीय यूजर विदेशी ऐप्स (Offshore Exchanges) पर जा रहे हैं, जहां भारत सरकार को कोई टैक्स नहीं मिलता। अगर बजट 2026 में टैक्स कम होता है, तो यह पैसा वापस भारत आएगा और सरकार की कमाई भी बढ़ेगी।
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