नोएडा | इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit) में अपने एक दावे को लेकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी इस वक्त भारी फजीहत का सामना कर रही है। चीन में बने एक रोबोटिक कुत्ते को यूनिवर्सिटी का “इन-हाउस इनोवेशन” बताने वालीं प्रोफेसर नेहा सिंह रातों-रात सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो गईं। जब से उन्होंने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर ‘Open to Work’ का बैज लगाया, तब से यह खबर आग की तरह फैल गई कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन, अब इस पूरे मामले पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान सामने आ गया है।
क्या नौकरी से निकाली गईं नेहा सिंह? सोशल मीडिया पर चल रही बर्खास्तगी की अफवाहों पर विराम लगाते हुए, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नितिन कुमार गौर ने स्पष्ट किया है कि प्रोफेसर नेहा सिंह को सस्पेंड नहीं किया गया है।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए गौर ने कहा, “उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया है और उन्हें रुकने के लिए कहा गया है। यह गलती क्यों हुई, यह समझने तक हमारी आंतरिक कार्यवाही जारी रहेगी। किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए पूरी यूनिवर्सिटी की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।”
क्या था पूरा विवाद? दरअसल, दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल एआई समिट में प्रोफेसर नेहा सिंह ने ‘ओरियन’ (Orion) नाम के एक रोबोटिक कुत्ते को मीडिया के सामने पेश किया था। उन्होंने कैमरे के सामने बड़े उत्साह से दावा किया कि इसे यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बनाया है। लेकिन इंटरनेट की दुनिया ने तुरंत इस झूठ को पकड़ लिया। यह रोबोट असल में चीन की कंपनी Unitree का ‘Go2’ मॉडल था, जो बाजार में आसानी से 2-3 लाख रुपये में खरीदा जा सकता है।
विवाद इतना बढ़ा कि समिट के आयोजकों ने अगले ही दिन गलगोटिया यूनिवर्सिटी से अपना स्टॉल खाली करने को कह दिया।
प्रोफेसर ने दी सफाई भारी फजीहत के बाद यूनिवर्सिटी ने एक माफ़ीनामा जारी कर सारा दोष प्रोफेसर पर मढ़ दिया था। यूनिवर्सिटी का कहना था कि प्रोफेसर नेहा सिंह को कैमरे के सामने बोलने का अधिकार नहीं था और उन्होंने अति-उत्साह में गलत जानकारी दी।
वहीं, इस पूरे हंगामे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रोफेसर नेहा सिंह ने पीटीआई को बताया कि यह सब ‘गलतफहमी’ का नतीजा है। उन्होंने कहा, “चीजें शायद ठीक से व्यक्त नहीं की गईं। हम यह दावा नहीं कर सकते कि हमने इसे बनाया है। मैंने हमेशा यही कहा है कि हम इसे अपने छात्रों के लिए लेकर आए हैं ताकि वे इससे प्रेरित होकर खुद कुछ बेहतर बना सकें।”
फिलहाल, यूनिवर्सिटी मामले की जांच कर रही है, लेकिन एआई के इस सबसे बड़े मंच पर हुई इस किरकिरी ने यूनिवर्सिटी की साख को गहरा धक्का जरूर पहुंचाया है।
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