दमिश्क/हसाका: सीरिया में शांति की उम्मीदों को आज (20 जनवरी 2026) बड़ा झटका लगा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरियाई सरकारी सेना (Syrian Army) ने उत्तर-पूर्वी शहर हसाका (Hasakah) में जबरन प्रवेश कर लिया है। इस कदम ने मौजूदा सीजफायर (युद्धविराम) को खतरे में डाल दिया है।
अल जज़ीरा की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, सेना की इस कार्रवाई को शांति समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है। हसाका शहर सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां लंबे समय से कुर्द बलों और सरकार के बीच तनाव बना हुआ था। सेना के टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को शहर के रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ते देखा गया है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

युद्धविराम ‘भारी दबाव’ में है। जानकारों का कहना है कि अगर सेना पीछे नहीं हटी, तो कुर्द लड़ाके जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। इससे शहर में ‘अर्बन वॉरफेयर’ (शहरी युद्ध) शुरू हो सकता है, जिसका सबसे बुरा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा।
बाजार बंद हो गए हैं और लोग बंकरों या सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले पर चिंता जताई है, लेकिन सीरियाई सरकार ने अभी तक अपने कदम पीछे खींचने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। यह घटना साल 2026 की शुरुआत में ही मध्य पूर्व में एक और बड़े मानवीय संकट का कारण बन सकती है।
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